Testimonials

जयमाला सुरेश बुगटे
(MA जैनॉलॉजी २०१६)
डायरेक्टर जिओमिन,कोल्हापुर

जय जिनेंद्र,

  मैं पिछले 10 सालों से जैन विद्या शोध संस्थान कोल्हापुर कि छात्र हूं| मैंने इस संस्था द्वारा चलाए जाने वाले कोर्स इसमें से प्रथम प्राकृत रत्न 2014 साल में पास किया उसके बाद मैंने MA जैनॉलॉजी लाडनू राजस्थान यूनिवर्सिटी की 2016 में पास किया| इस अभ्यास से मेरी जीवन में काफी बदलाव आ गया है | मेरा जीवन की तरफ देखने का दृष्टिकोण संपूर्णता सकारात्मक हुआ है |

  आज मैं भूत भविष्य का विचार ना करते हुए वर्तमान में जीने लागी हूं | मेरे जीवन में जो भी योग संयोग की घटना घटी उस घटनाओं का सिर्फ इस शिक्षा के कारण स्वीकार करना सहज हुआ है | आज में मेरे जीवन में स्थिर होकर मेरे पति का बिजनेस है जो 8 जिलों में है वह आत्मविश्वास से संभाल रही हूं |

  आज की युवा पीढ़ी बुरी आदत, बुरे व्यसन में व्यस्त हैं| उन्हें अगर सही मार्ग पर लाना हो तो जैन धर्म के संस्कार धर्म के तत्व, धर्म का अर्थ और धर्म का अभ्यास आवश्यक है इसलिए जैन धर्म को सही तरीके से जानना बहुत जरूरी है इसलिए JVSS के साथ जुड़ना आवश्यक है|

  धन्यवाद

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सौ. अंजली सतीश शहा,पुणे
(MA जैनॉलॉजी २०१५)
सलाहकार- शहा इंजि कोचिंग इन्स्टिटयूट,
उपाध्यक्ष श्री अरिहंत दिगंबर जैन ट्रस्ट, चिंचवड
खजिनदार- एकपात्री कलाकार परिषद पुणे,

जय जिनेंद्र,

  डॉक्टर सुषमा रोटे इनकी निर्देशता से जैन विद्या शोध संस्थान पिछले 15 सालों से जैन धर्म की शिक्षा एवं उसका ज्ञान प्रसारण का कार्य कर रही है | मैं सौ. अंजली सतीश शहा पुणे से हूं और इस संस्थान का एक हिस्सा हूं | मैं बीएससी बीएड विज्ञान की टीचर हूं पर मुझे जैन धर्म का अध्ययन करने में पहले से ही रुचि थी | संयोग से सुषमा जी की पहचान हो गई और मैंने जैन विश्व भारती इंस्टिट्यूट लाडनूं राजस्थान से पत्राचार की MA जैनॉलॉजी के लिए 2015 के में एडमिशन लिया |

  इस अध्ययन में सुषमा जी निर्देशक थी | उन्होंने हमें पूरा सहयोग दिया वह स्वयं एक विद्वान होने के नाते अपना ज्ञान सब ग्रहण करें और वह भी बड़ी सरलता और सहजता के साथ जरूर प्रयत्न करती है | सुषमा जी का यही एक प्रभावशाली अंग है, जो सम्यकदर्शन का कारण है | अपनी गृहस्थी और व्यवसाय संभाल कर किसी महिला को उच्च शिक्षित होना इतना सहज नहीं है | लेकिन सुषमा जी की प्रेरणा से अनेक महिलाएं इस संस्थान के प्राकृत भाषाएं एवं MA, PhD कर रही है |

  सब प्रकार के संदर्भ ग्रंथो की ग्रंथालय का उपयोग करने की सुविधाएं इस संस्था में है | बडी आत्मीयता से हर प्रकार की सहायता के लिए खुद सुषमा जी और उनका शिक्षक वर्ग मौजूद है |

  धन्यवाद सुषमा जी |
उनके सब कार्यों के लिए शुभकामनाएं

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सुश्री डॉ. सुलोचना पाटील
(MA जैनॉलॉजी २०१३, PhD २०१७)
धर्मप्रभावक, नांद्रे

जय जिनेंद्र,

  मैं जब से जैन विद्या शोध संस्थान से जुडी हुई हूं, तभी से मेरा सामाजिक धार्मिक पारिवारिक शैक्षणिक विकास बहुत हुआ है | इस संस्था में जब भी गई तब एक विशेष प्रकार का आनंद महसूस होता है | हमारी संचालिका डॉक्टर सुषमा रोटे जी बहुत वात्सल्य पूर्ण बात करती है | उनसे जीवन में कैसा रहना चाहिए इसका मुझे मार्गदर्शन मिला है | उनका हंसमुख चेहरा देखने के बाद मेरी चिंताये तुरंत भाग जाती है | इस संस्था की विशेषता यह है कि यहां सभी महिलाएं कार्य करती है महिलाए शिक्षा के लिए आती हैं | मैंने MA जैनोलोजी और फिर बादमे डॉ. सुषमा रोटे जी के मार्गदर्शन में PhD डिग्री प्राप्त की है |

  कोई भी महिला अपनी चिंता लेकर आती है लेकिन हमारी सुषमा जी सभी की समस्याएं दूर कर उन को शांति का एहसास कराती है | सुषमा जी बहुत निस्वार्थ सेवा से इस संस्था को चलाती है | JVSS एक सुसज्जित संस्था है |

  यहां बहुत बड़े ज्ञानी, मुनि, आर्यिका, विद्वान लोग आकर इस संस्था के बारे में बहुत तारीफ करके गए हैं | हमारी संस्था का नाम पूरे विश्व में फैले इसी भावना के साथ मैं इस संस्था को बहुत शुभकामनाएं देती हूं |

  धन्यवाद

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श्री. सागर डोंगरे, सांगली
(BA जैनॉलॉजी २०१७)
संचालक सांगली अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक सांगली,
जिला संपर्क प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

जय जिनेंद्र,

  पिछले 15 सालों से जैन विद्या शोध संस्थान का जो जैन धर्म प्रसार का काम शुरू है वह बहुत ही बेहतरीन है | हम जैसे लोगों को जैन धर्म का पूरा ज्ञान देने का काम यह संस्था कर रही है |

  यहां के शिक्षक वर्ग और डॉक्टर सुषमा रोटेजी की लगन, निस्वार्थ सेवा और तन मन धन अर्पण भाव से यह संस्थान जैन धर्मीयोंकी आस्था का स्थान बन चुका है |

  में जैन विद्या शोध संस्थान को धन्यवाद देता हूं और यह संस्था और बड़ी हो जाए ऐसी शुभकामना |

  धन्यवाद

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Priya pradyumn Patil
(MA Jainology 2012)

Jay Jinendra,

  I'm Priya Patil, from the last 8 years I have been studying here in the JVSS Research Institute kolhapur. Our guru Dr. Sushma Didi whose vast knowledge and study in the field of Jainism has been constantly creating a path for me which is leading me towards deeper understandingsbof the religious values.

  Her humble nature and skill of making things easily understandable has led me towards grasping profound values of the beautiful Jain religion. Also how this world is can lead to self progress amongst ourselves. This institution is a platform for constant knowledge gain of a Jain values, creating a positive attitude in our day-to-day lives.

  I feel very respectful about our founder Guru Principal Neminath Gunde and Dr. Sushama didi.

  Thank you !!!

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सौ. ऐश्वर्या सतीश मूग
(MA जैनॉलॉजी २०१६)
राजारामपुरी कोल्हापुर

जय जिनेंद्र,

  मैं पिछले 10 सालों से जैन विद्या शोध संस्थान कोल्हापुर की छात्रा हूं | मैंने पहले प्राकृत रत्न 2014 साल में पास किया | धर्म के अभ्यासमें रूचि बढ़ने से मैंने M.A. जैनॉलॉजी करने का निश्चय किया | नतीजा लाडनूं यूनिवर्सिटी से 2016 में मैंने M.A. जैनॉलॉजी अच्छे मार्क्स से पास किया | इस अभ्यास से मेरे जीवन में काफी परिवर्तन आया है |मेरा जिंदगी की तरफ देखने का नजरिया सकारात्मक हुआ है | इस अभ्याससे जैन धर्म पूरी तरह समझ में आया |

  मन, वचन, काया से अहिंसा तत्व का पालन कैसे करना चाहिए यह भी मुझे मालूम हुआ | कर्म सिद्धांत मालूम होने से मैं वर्तमान में जीने लगी हूँ| हर घर में जैन धर्म का अभ्यास करना धर्म तत्व को जानना और ऐसे संस्कार आज के युवा पीढ़ी में करना अत्यंत आवश्यक है | जैन कुल में जन्म लेना अत्यंत दुर्लभ है ,यह सोचकर आज की युवा पीढ़ी में धर्म का अभ्यास करके कृतार्थ करना चाहिए |

  धन्यवाद

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