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डॉ. सौ. सुषमा गुणवंत रोटे
निदेशक,
जैन विद्या शोध संस्थान,कोल्हापूर
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| विशेष क्षेत्र | जैन साहित्य -अध्ययन, अध्यापन , संशोधन , लेखन प्रकाशन एवं व्याख्यान , जैनदर्शन , साहित्य एवं जैनागम भाषा प्राकृत आदी विश्व विद्यालयीन पदवी , पदव्यूत्तर , पदविका के दूरस्थ पाठयक्रमो का अध्ययन |
| अध्यापन अनुभव | स्नातक तक - १२ साल, स्नातकोत्तर तक - ६ साल, प्राकृत रत्न, बी.ए., एम. ए.जैनॉलॉजी के प्राध्यापक के रूप में सन २००० से अब तक। |
| शोध प्रबंध | शिवाजी युनिव्हर्सिटी की ओर से पीएच. डी. उपाधी प्राप्त , विषय : “आधुनिक हिंदी के महाकाव्यो में वर्णित भगवान महावीर का चरित्र -चित्रण।“ - सन १९९९ । |
| शोध निदेशक | पीएच. डी. उपाधी के लिए जे. जे. टी. युनिव्हर्सिटी ( राजस्थान ) द्वारा दर्शन(Philosophy) एवं हिंदी( Hindi) विषय में शोध निदेशक |
| प्रकाशित ग्रंथ | पीएच. डी. उपाधी प्राप्त शोध ग्रंथ का पुस्तक रूप में प्रकाशन “हिंदी के महाकाव्यो में चित्रित भगवान महावीर” ( प्रकाशन : भारतीय ज्ञानपीठ , नई दिल्ली , सन 2001 |
| पद | संस्था |
|---|---|
| 1. कार्यकारिणी सभासद | स्थानीय व्यवस्थापन समिति, महावीर महाविद्यालय, कोल्हापुर |
| 2. कार्यकारिणी सदस्या | भ.महावीर परिषद, कोल्हापुर |
| 3. कार्यकारिणी सदस्या | दक्षिण भारत हिंदी परिषद, कोल्हापुर |
| 4. कार्यकारिणी सदस्या | बी.एम्.रोटे ज्युनिअर कॅालेज, कोल्हापुर |
| 5. कार्यकारिणी सदस्या | अनेकान्त शोध विद्यापीठ, बाहुबली |
| 6. कार्यकारिणी सदस्या | धर्मभारती केंद्र समिति, कोल्हापुर |
| 7. कार्यकारिणी सदस्या | डी. ए. मगदूम हायस्कूल, कोल्हापुर |
| 8. कार्यकारिणी सदस्या | गार्डन्स क्लब, कोल्हापुर |
| 9. आजीव सदस्या | महाराष्ट्र तत्त्वज्ञान परिषद |
| 10.आजीव सदस्या | दक्षिण भारत जैन सभा,सांगली |
| 11.आजीव सदस्या | अखिल भारतीय विव्दत परिषद |
| 12.आजीव सदस्या | महाराष्ट्र हिंदी परिषद सांगली |
| पुरस्कार | वर्ष |
|---|---|
| 1. “जैनविद्यासंरक्षिका’’ पद से अलंकृत , श्री गणाधिपति गणधराचार्य कुन्थुसागर विद्या शोध संस्थान आलते, कोल्हापुर. | 19 जून, 2016 |
| 2. ‘‘परिणीता अवार्ड’’ मुक्ता मंच की तरफ से जैन धर्म दर्शन एवं प्राकृत भाषा का अध्ययन तथा अनुसंधान केंद्र के माध्यम से जैन धर्म के प्रचार प्रसार के उपलक्ष्य में | 2016 |
| 3. “जैनरत्न पुरस्कार” मुनिश्री प्रमुख सागरजी और अकोला समाज की ओर से, अकोला | 2010 |
| 4. “जिनागम 2010 पुरस्कार”, जिनागम स्वाध्याय मंच, अयोध्या पार्क, कोल्हापुर | 2010 |
| 5. “सखी ॲवॅार्ड 2008” लोकमत, वृत्त समुह की ओर से 12 साल जैनॅालॅाजी में अनुसंधान के उपलक्ष्य में उपाधि से पुरस्कृत | 2008 |
| 6. “साहित्य सेवा पुरस्कार” महाराष्ट्र जैन साहित्य परिषद, कोल्हापुर की ओर से भगवान महावीर चरित्र के अनुसंधान के उपलक्ष्य में सन्मानित | 2006 |
जैन विद्या शोध-संस्थान, 'रत्नत्रय', फ्रेंड्स कॉलनी, शिवाजी पार्क, कोल्हापूर – 416001,
संपर्क- 9881250151